पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत के CEO भूपेंद्र सोनवानी हटाए गए, खगेश निर्मलकर की हुई वापसी

कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक विवाद और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बीच आखिरकार राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) भूपेंद्र सोनवानी को उनके पद से हटा दिया है। शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के अनुसार उन्हें जिला पंचायत कोरबा में अटैच किया गया है। वहीं, कोरबा जनपद पंचायत के वर्तमान CEO खगेश निर्मलकर को एक बार फिर पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि खगेश निर्मलकर इससे पहले भी पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत के CEO रह चुके हैं, जिसके कारण क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय परिस्थितियों का उन्हें अच्छा अनुभव है।

 

इधर, कोरबा जनपद पंचायत में रिक्त हुए पद पर रामानुजनगर जनपद पंचायत (जिला सरगुजा) से स्थानांतरित होकर आए संजय कुमार राय को नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।

 

लगातार विरोध के बाद हुई कार्रवाई

 

पिछले कई महीनों से पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों और सीईओ भूपेंद्र सोनवानी के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने उन पर विकास कार्यों में लापरवाही, समन्वय की कमी और पंचायत प्रतिनिधियों की उपेक्षा करने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में कई बार शासन और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उनके स्थानांतरण की मांग की गई थी।

 

विरोध लगातार बढ़ता गया और पंचायत से जुड़े विभिन्न मामलों में प्रशासनिक असंतोष खुलकर सामने आने लगा। अंततः शासन ने स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उन्हें जिला पंचायत कोरबा में अटैच कर दिया।

 

खगेश निर्मलकर की हुई वापसी

 

शासन ने पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को सौंपी है, जो पहले भी यहां अपनी सेवाएं दे चुके हैं। खगेश निर्मलकर पूर्व में भी पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत के CEO का दायित्व निभा चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय परिस्थितियों की समझ को देखते हुए उनकी दोबारा नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों का मानना है कि उनके पूर्व अनुभव का लाभ अब विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने में मिलेगा। पंचायत क्षेत्र में कई विकास योजनाएं लंबित हैं, जिन्हें तेजी से पूरा कराने की चुनौती नए सीईओ के सामने होगी।

 

कोरबा जनपद पंचायत को मिले नए CEO

 

इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत संजय कुमार राय को रामानुजनगर जनपद पंचायत (जिला सरगुजा) से स्थानांतरित कर कोरबा जनपद पंचायत का नया CEO बनाया गया है। उनके सामने भी पंचायत स्तर की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी रहेगी।

 

जनप्रतिनिधियों को नई उम्मीद

 

पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब पंचायत प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। उनका कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित को प्राथमिकता मिलने से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

 

विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी ऐसे अधिकारी की नियुक्ति, जिसे क्षेत्र का पूर्व अनुभव हो, प्रशासनिक दृष्टि से बेहतर निर्णय साबित हो सकती है। इससे लंबित परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी आने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना बढ़ जाती है।

 

अब सबकी निगाहें नए अधिकारियों पर

 

पोड़ी उपरोड़ा और कोरबा जनपद पंचायत में हुए इस प्रशासनिक बदलाव को जिले की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नए पदस्थ अधिकारी किस तरह प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हैं, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हैं और ग्रामीण विकास योजनाओं को नई गति देते हैं।

 

राज्य शासन के इस फैसले से यह स्पष्ट संकेत भी मिला है कि प्रशासनिक कार्यों में लगातार विवाद और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में नए नेतृत्व से पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद की जा रही है।

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