कोरबा राज ज्वेलर्स लूटकांड: महिला का भेष बनाकर वारदात करने वाला मास्टरमाइंड कर्नाटक बॉर्डर से गिरफ्तार

कोरबा, 18 जुलाई। जिले के बहुचर्चित राज ज्वेलर्स लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस मामले के मास्टरमाइंड विष्णु प्रसाद राठिया को कोरबा पुलिस ने कर्नाटक बॉर्डर के हिन्दूपुरम इंडस्ट्रियल एरिया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए वहां मजदूरी कर रहा था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गठित विशेष टीम ने कर्नाटक पहुंचकर उसे धर दबोचा।

 

इस गिरफ्तारी के साथ ही एक जुलाई को छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूटकांड का पर्दाफाश पूरी तरह हो गया है। इससे पहले इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों गोपाल सिंह गोंड और परदेशी राठिया को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है।

 

महिला का भेष बनाकर दिया वारदात को अंजाम

 

पुलिस जांच में सामने आया कि इस लूट की योजना बेहद सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी। आरोपियों में से एक ने महिला का भेष धारण कर ज्वेलरी दुकान में प्रवेश किया ताकि किसी को उन पर शक न हो। तीनों आरोपी बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से ग्राहक बनकर दुकान पहुंचे और अपने चेहरे गमछे से ढंक रखे थे।

 

दुकान में प्रवेश करने के बाद उन्होंने चांदी की अंगूठी देखने का बहाना बनाया। जैसे ही दुकानदार राजकुमार अग्रवाल काउंटर के पास पहुंचे, एक आरोपी ने दुकान का दरवाजा बंद कर दिया, दूसरे ने देसी कट्टा निकालकर उनकी छाती पर तान दिया, जबकि तीसरे आरोपी ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपियों ने बैग में सोने-चांदी के आभूषण भरना शुरू कर दिया।

 

भीड़ जुटने से अधूरी रह गई लूट

 

वारदात के दौरान दुकान के बाहर लोगों की आवाजाही बढ़ गई और भीड़ जमा होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी घबरा गए और जल्दबाजी में देसी कट्टा तथा चोरी की मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद दुकानदार ने पुलिस थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

 

तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी

 

कोरबा पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। सबसे पहले गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष, निवासी घुचापुर) और परदेशी राठिया (40 वर्ष, निवासी जिलगा बरपाली) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया और फरार मास्टरमाइंड विष्णु राठिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

 

कर्नाटक बॉर्डर से दबोचा गया मास्टरमाइंड

 

मुख्य आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार सूचना मिली कि वह कर्नाटक बॉर्डर स्थित हिन्दूपुरम इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूर के रूप में काम कर रहा है। सूचना मिलते ही कोरबा पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

जेल में हुई थी तीनों आरोपियों की दोस्ती

 

पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी पहले हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में जेल की सजा काट चुके हैं। जेल में ही उनकी दोस्ती हुई थी। रिहा होने के बाद उन्होंने आसान तरीके से बड़ी रकम हासिल करने के उद्देश्य से ज्वेलरी दुकान में लूट की योजना बनाई। वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने चोरी की मोटरसाइकिल और देसी कट्टे का इस्तेमाल किया।

 

कटघोरा पुलिस टीम की अहम भूमिका

 

पूरे मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में कटघोरा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और लगातार की गई छापेमारी के जरिए फरार आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है तथा आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ जारी है।

 

पुलिस की कार्रवाई से लोगों में बढ़ा भरोसा

 

राज ज्वेलर्स लूटकांड जिले की चर्चित घटनाओं में शामिल रहा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूरे मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस कार्रवाई से व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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