छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों के तबादले, जितेंद्र कुमार उपाध्याय बने कटघोरा DFO, कई जिलों में बदली जिम्मेदारी

CG Breaking: छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों के तबादले, जितेंद्र कुमार उपाध्याय बने कटघोरा DFO, कई जिलों के वन अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी

 

रायपुर, 8 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के 24 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य वन विभाग के कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना बताया जा रहा है। राज्य सरकार के इस फैसले से कई महत्वपूर्ण वन मंडलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे वन संरक्षण, जैव विविधता प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

 

जारी आदेश के अनुसार जितेंद्र कुमार उपाध्याय को कटघोरा वनमंडल का नया वनमंडलाधिकारी (DFO) नियुक्त किया गया है। कटघोरा वनमंडल छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन क्षेत्रों में शामिल है, जहां वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है। उनकी नियुक्ति को विभाग के लिए एक अहम प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।

 

सरकार द्वारा जारी तबादला सूची में रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, कांकेर, बस्तर, सूरजपुर, कोरिया, दुर्ग, मनेन्द्रगढ़ तथा कटघोरा सहित अनेक वन मंडलों में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। इन क्षेत्रों में अब नए अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे और विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन पर विशेष ध्यान देंगे।

 

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकता और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के तबादले किए जाते हैं। इससे विभाग में नई कार्यशैली, बेहतर समन्वय तथा विकास कार्यों को गति मिलती है। विशेष रूप से वन संरक्षण, पौधारोपण, जैव विविधता संवर्धन, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम तथा अवैध कटाई पर नियंत्रण जैसे कार्यों में तेजी लाने की अपेक्षा की जा रही है।

 

कटघोरा वनमंडल की बात करें तो यह क्षेत्र घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां हाथी, भालू, तेंदुआ सहित कई वन्यजीव पाए जाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समुदाय वन संसाधनों पर निर्भर हैं। ऐसे में नए DFO के सामने वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के सहयोग से सतत वन प्रबंधन की चुनौती भी रहेगी।

 

राज्य सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों की नई पदस्थापना से वन विभाग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। विभागीय स्तर पर वन अपराधों की रोकथाम, वन भूमि संरक्षण, पौधारोपण अभियान, वन्यजीव संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन से संबंधित परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

 

प्रशासनिक हलकों में इस तबादला सूची को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। आने वाले दिनों में नए पदस्थ अधिकारी अपने-अपने कार्यभार ग्रहण करेंगे और विभागीय कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

 

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि यह बदलाव विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा तथा राज्य में वन संरक्षण और पर्यावरणीय प्रबंधन को नई गति देगा।

 

छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाह इस बात पर रहेगी कि नए पदस्थ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किस प्रकार कार्य करते हैं और वन विभाग की योजनाओं को किस गति से आगे बढ़ाते हैं। विशेष रूप से कटघोरा वनमंडल में जितेंद्र कुमार उपाध्याय की नियुक्ति को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्सुकता देखी जा रही है।

 

सरकार द्वारा जारी 24 IFS अधिकारियों की तबादला सूची को वन विभाग के हालिया सबसे बड़े प्रशासनिक फेरबदल में से एक माना जा रहा है। इससे राज्य के विभिन्न वन मंडलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदलेगा और विभागीय कार्यों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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