- कोरबा UPDATES NEWS। भाजपा नेता शिवबालक सिंह तोमर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार किए गए आदतन अपराधी रज्जाक अली के खिलाफ कोरबा पुलिस ने अब और कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। हत्या के प्रयास के मामले में न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए रज्जाक अली के विरुद्ध जिला बदर (Externment) की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। वहीं उसकी लंबी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कदम जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और लंबे समय से अपराध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। रज्जाक अली का नाम जिले के चर्चित अपराधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
भाजपा नेता पर हुआ था जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार 15 जून 2026 को थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता भाजपा नेता शिवबालक सिंह तोमर ने पुलिस को बताया कि जिला जेल कोरबा के समीप पुरानी रंजिश के चलते रज्जाक अली और उसके सहयोगियों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद लोहे के डंडों एवं अन्य घातक हथियारों से हमला किया गया, जिससे शिवबालक सिंह तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में उनके दोनों पैरों सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास, धमकी और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
गवाहों को धमकाने का भी आरोप
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि आरोपी रज्जाक अली द्वारा घटना के गवाहों और संबंधित व्यक्तियों को लगातार धमकाया जा रहा था। आरोप है कि गवाहों पर बयान बदलने और पुलिस जांच को प्रभावित करने का दबाव बनाया जा रहा था।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग से एक और अपराध दर्ज किया तथा संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तीन दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय
कोरबा पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार रज्जाक अली का आपराधिक इतिहास लगभग तीन दशक पुराना है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट, आगजनी, अवैध हथियार रखने, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स एक्ट तथा लोक सेवक के कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे अपराध शामिल हैं।
कोतवाली, करतला, उरगा सहित अन्य थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ समय-समय पर कई प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि लगातार अपराधों में संलिप्त रहने और समाज में भय का वातावरण बनाने के कारण उसके विरुद्ध जिला बदर जैसी कार्रवाई आवश्यक हो गई है।
जिला बदर और NSA की कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण
जिला बदर की कार्रवाई के तहत किसी व्यक्ति को एक निश्चित अवधि के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया जा सकता है। इसका उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर नियंत्रण करना होता है जिनकी मौजूदगी से कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।
वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत प्रशासन किसी व्यक्ति को सार्वजनिक शांति, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए निरुद्ध कर सकता है। यदि रज्जाक अली के खिलाफ NSA लगाया जाता है, तो यह उसके विरुद्ध होने वाली सबसे कठोर प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक होगी।
अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में भय और आतंक का माहौल बनाने वाले, गवाहों को प्रभावित करने वाले तथा कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून के शासन को बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रज्जाक अली के खिलाफ प्रस्तावित जिला बदर और NSA की कार्रवाई को जिले में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
