CM हेल्पलाइन से बदलेगी शिकायत व्यवस्था: अब 24 घंटे मिलेगा समाधान, हर अधिकारी की तय होगी जवाबदेही

कोरबा। राज्य सरकार द्वारा शीघ्र प्रारंभ की जाने वाली मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के जिले में प्रभावी संचालन और सफल क्रियान्वयन को लेकर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की। इस दौरान जिले के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और नई प्रणाली के संचालन, शिकायतों के निराकरण तथा मॉनिटरिंग प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों और शिकायतों का समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक विभाग प्रमुख को अपने कार्यालय में पोर्टल संचालन हेतु एक जिम्मेदार कर्मचारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतों का त्वरित पंजीयन और निराकरण किया जा सके। साथ ही उन्होंने आवेदनों की समयावधि पर विशेष ध्यान देने और अनावश्यक लंबित प्रकरणों से बचने की बात कही।

कलेक्टर ने जिला कार्यालय की शिकायत शाखा में सीएम हेल्पलाइन प्रकोष्ठ तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश के नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं तक सरल पहुंच उपलब्ध कराने तथा उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह नई प्रणाली शुरू की जा रही है। यह व्यवस्था सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित होगी।

बैठक के दौरान कलेक्टर दुदावत ने ऑनलाइन शिकायत पंजीयन, मॉनिटरिंग एवं निराकरण की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल में विभिन्न स्तरों पर कार्य करने वाले अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय रहेगी। साथ ही पोर्टल के अलग-अलग लेयर और उनके कार्यों की भी जानकारी अधिकारियों को दी गई।

 

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे विभिन्न माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की स्थिति, संबंधित विभाग, संबंधित अधिकारी और समाधान की प्रगति की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेगा।

कलेक्टर ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद उसे संबंधित विभाग और अधिकारी तक पहुंचा दिया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय रहेगी। इससे शिकायतों के अनावश्यक रूप से लंबित रहने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में नागरिकों के फीडबैक की भी सुविधा होगी। शिकायत के समाधान के बाद संबंधित नागरिक से संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। यदि कोई नागरिक समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो शिकायत स्वतः पुनः सक्रिय हो जाएगी और उस पर आगे कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से समाधान संभव हो सकेगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण किरण, डीएफओ कोरबा प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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