कोरबा। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में जिलेभर के लंबित राजस्व प्रकरणों की तहसीलवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अविवादित एवं विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन, अभिलेख शुद्धता, भू-अर्जन, ई-कोर्ट प्रकरण सहित विभिन्न राजस्व मामलों की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी राजस्व प्रकरण अनावश्यक रूप से समय-सीमा से बाहर नहीं रहना चाहिए और सभी अधिकारी लंबित मामलों के निराकरण में गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करें।
बैठक में अविवादित नामांतरण के लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को विशेष प्रयास कर इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े इन प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। साथ ही विवादित मामलों के निराकरण में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप तेजी लाने पर जोर दिया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले में नक्शा बटांकन कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी तहसीलदारों को अभियान चलाकर इस कार्य में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों को सक्रिय भूमिका निभाते हुए लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। नक्शा बटांकन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित तहसीलदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एक वर्ष से तीन वर्ष, तीन से पांच वर्ष तथा पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित भू-अर्जन एवं अन्य राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों का भी गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निराकरण करने को कहा।
कलेक्टर ने जिले के विभिन्न विकासखंडों में मसाहती ग्रामों के सर्वेक्षण और नक्शा प्रकाशन की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और पारदर्शिता के लिए सर्वे एवं नक्शा प्रकाशन का कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जाना आवश्यक है।
बैठक के दौरान डिजिटल सिग्नेचर, डिजिटल किसान किताब और आधार प्रविष्टि जैसे कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पटवारियों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर इन कार्यों में तेजी से प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं को डिजिटल माध्यम से प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सक्रियता से कार्य करना होगा।
स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण कार्य को शीघ्र पूरा करने तथा अंतिम प्रकाशन के बाद अभिलेखों को भुईंया पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। इसके साथ ही वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत लंबित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने समीक्षा बैठक में भू-अर्जन, व्यपवर्तन, मुआवजा वितरण, रेल कॉरिडोर परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण, वृक्ष कटाई अनुमति, आधार सिडिंग तथा वन अधिकार पट्टा वितरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिनेश नाग, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, अपर कलेक्टर कटघोरा श्री ओंकार यादव, जिले के सभी एसडीएम, प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख, अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
