पोड़ी उपरोड़ा में राखड़ से भरी हाईवा और माजदा की भीषण भिड़ंत, तेज रफ्तार से बढ़ रहा हादसों का खतरा; लोगों में आक्रोश

पोड़ी उपरोड़ा (कोरबा)। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा बस स्टैंड के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर सोमवार देर रात लगभग 11:30 बजे राखड़ से भरी एक हाईवा और माजदा वाहन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में माजदा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दोनों भारी वाहन सड़क किनारे स्थित मकानों में घुसने से बाल-बाल बच गए। यदि वाहनों की रफ्तार कुछ और अधिक होती, तो यह दुर्घटना बड़ी जनहानि में बदल सकती थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कटघोरा से घोघरा की ओर राखड़ लेकर जा रही हाईवा (क्रमांक CG12BU8779) और विपरीत दिशा से कटघोरा की ओर जा रही माजदा (क्रमांक MH28BB7223) के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि माजदा वाहन सड़क किनारे स्थित जानकी बाई के मकान की ओर जा पहुंचा, जबकि हाईवा भी नियंत्रण खोते हुए देव प्रताप के मकान से टकराने से बाल-बाल बच गई। दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना से ठीक पहले सड़क पर अचानक एक गाय आ गई थी। उसे बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित हो गए और आमने-सामने की टक्कर हो गई। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किया। घायल माजदा चालक को वाहन से बाहर निकालने में लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद डायल-112 और बांगो पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोड़ी उपरोड़ा भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने हाईवा चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

राखड़ परिवहन पर फिर उठे सवाल

दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि राखड़ परिवहन में लगे भारी वाहन दिन-रात तेज रफ्तार से राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ते हैं। कई बार चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में भी इसी मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद तेज रफ्तार और लापरवाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पोड़ी उपरोड़ा बस स्टैंड के आसपास बाजार, स्कूल, दुकानें और घनी आबादी है। ऐसे क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार हमेशा दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर गति सीमा का सख्ती से पालन कराने, नियमित जांच अभियान चलाने और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दिन-प्रतिदिन बढ़ रही राखड़ गाड़ियों की लापरवाही

क्षेत्रवासियों का कहना है कि राखड़ परिवहन में लगी गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई वाहन निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में चलते हैं और रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरस्पीड, लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, भारी वाहनों की गति पर निगरानी रखी जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि वाहन चालकों की भी जिम्मेदारी है।

फिलहाल पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। वहीं इस घटना ने एक बार फिर राखड़ परिवहन में लगे भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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